सीएमडी के डेस्क से

प्रिय मित्रों,

इंडियन रेअर अर्थ्स लिमिटेड (आईआरईएल) भारी एवं तटीय खनिज और रेअर अर्थस यौगिकों के क्षेत्र में अग्रणी उपक्रम है। आईआरईएल की प्रसंस्कयरण प्रक्रिया कुल चार चरणों में होती है जो अयस्क खनन से प्रारंभ होती है और रेअर अर्थस के यौगिकों के उत्पादन के साथ होती है।

इसके मध्य के अन्यत महत्वरपूर्ण चरणों में खनिजों के उत्पादन और देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए आवश्यपक सामरिक सामग्रियों का उत्पादन किया जाता है जिसमें “मोनोज़ाइट” प्रसंस्कमरण सम्मिलित है। यह खनिज चूंकि देश के दक्षिणी और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के तटीय ‍ हिस्सों में पाये जाते हैं, अत: उपक्रम के प्लांरट भी इन्हींप क्षेत्रों में स्थित हैं। चूँकि ये खनिज ‘3G’ अर्थात् आकार(Grain size), भूविज्ञान (Geology) तथा भूगोल(Geography) से परिभाषित होते हैं, उपक्रम में अनेक प्रकार के ग्रेड बनाये जाते हैं और इस वजह से बाजार में उत्पाद की मॉंग स्थाापित करने के लिए विभिन्नक प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्तर खनिजों के बहुआयामी प्रयोग के लिए एक विशिष्ट और अनूठे विपणन दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। जिसमें भौगोलिक स्थिति के अनुरुप फ्लो शीट एवं खनिज खनिजों को शुद्धता के साथ पृथक करने के कुशलता निहित है। दैनिक जीवन में इन खनिजों का प्रयोग प्रत्येधक क्षेत्र किया जा रहा है। यह परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों को चलाने, विमान के पुर्जों, वास्तुशिल्प कोटिंग (पेंट और रंजक), आधारिक संरचना (स्टील, वेल्डिंग इलेक्ट्रोड, रीफ्रैक्टरीज़), रियल एस्टेट (टाइलें, सेनेटरी वेयर, पेंट), कच्चे तेल एवं पेट्रोलियम (कुँआ ड्रिलिंग, सतह की तैयारी और मशीनिंग) एवं अन्य जीवन शैली से संबंधित उत्पा द बनाने में सहायक है। यद्यपि खनिजों की खपत की मात्रा कम है, फिर भी जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए इसका बड़े पैमाने पर योगदान है।

अनुभवी और प्रतिभाशाली कर्मचारियों की एक टीम समय-समय पर औद्योगिक परिदृश्य में गतिशील परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रही है जो कंपनी को प्रभावी ढंग से बदलाव के लिए अनुकूल बनाने में सहायक है। विश्व स्तर पर कम मात्रा में खपत होने वाले खनिजों के बावजूद आईआरईएल निर्यात से संबंधित प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है। इसके अतिरिक्त, यह आशा की जाती है कि भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के कारण, आधारिक संरचना तथा अन्य परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा जिससे कंपनी के द्वारा उत्पादित किए जा रहे खनिजों और रसायनों की मांग में वृद्धि होगी।

संक्षेप में, आईआरईएल देश के सामरिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए अपने वाणिज्यिक उद्देश्योंं को सफलता पूर्वक पूर्ण करने वाला एक प्रतिष्ठित उपक्रम है।

(दीपेन्द्र सिंह)

अंतिम नवीनीकृत 16/09/2017