आईआरईएल का अनुसंधान एवं विकास केंद्र

कारपोरेट अनुसंधान केन्द्र कोल्लम, केरल में स्थित है तथा तटीय रेत खनिजों से मूल्य संवर्धित उत्पादों के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य करता है, खनिजों के पृथक्करण एवं फ्लो शीट विकास पर परामर्शी परियोजनाओं को संभालता है, खनिजों का विश्लेषण करता है तथा आंतरिक एवं बाह्य ग्राहकों की  आवश्कताओं की पूर्ति करता है । यह केन्द्र विभिन्न अनुसंधान एवं विकास कार्य में संलग्न है  जैसे कि वैकल्पिक रास्ते से मोनाजाइट का संसाधन, नैनो रेअर अर्थ्स सामग्री का संसाधन एवं वाणिज्यीकरण के अंतिम उद्देश्य के साथ खनिजों पर अन्य मूल्य संवर्धन करना। यह अनुसंधान केन्द्र रेअर अर्थ्स प्रभाग, अलूवा एवं तकनीकी सेवा प्रभाग, ऑसकॉम, छत्रपुर, उड़ीसा की अनुसंधानपरक गतिविधियों से भी समन्वय स्थापित करता है। यह अनुसंधान केन्द्र पहले वर्ष 1991 से खनिज अनुसंधान एवं विकास केन्द्र के नाम से जाना जाता था तथा बाद में जुलाई, 2003 से इंडियन रेअर अर्थ्स अनुसंधान केन्द्र के नाम से जाना जाने लगा। यह अनुसंधान केन्द्र आईएसओ 9001 से भी प्रमाणित है।
 
औद्योगिक स्तर के अनुसंधान एवं विकास की अभिवृद्धि के उद्देश्य से जो कि नाभिकीय एवं  सम्बंधित सामग्रियों से संबंधित समग्र कार्यक्रम के लिए लाभदायक होगा, इंडियन रेअर अर्थ्स  लिमिटेड प्रौद्योगिकी विकास परिषद् (आईआरईएलटीडीसी) का वर्ष 2006 में बीएआरसी, आईजीसीएआर, सीएसआईआर एवं अन्य अग्रणी संस्थानों के सदस्यों के साथ सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा  गठन किया गया था। इस परिषद् के अध्यक्ष बीएआरसी के निदेशक के वैज्ञानिक सलाहकार एवं उपाध्यक्ष आईआरईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। प्रधान, आईआरईआरसी इसके सदस्य-सचिव हैं।
 
इस अनुसंधान केन्द्र में विभिन्न विश्लेषणात्मक एवं अनुसंधान संबंधी कार्यों के लिए विभिन्न उपस्कर  एवं उपकरण जैसे कि मैग्नेटिक, ग्रेविटी, इलेक्ट्रोस्टेटिक सेपरेटर्स, फ्लोटेशनसेल्स, ग्राइंडिंग मिल्स,   वैक्यूम फिल्टर्स, मिक्सर सेटलर्स, ऑयन एक्सचेन्ज कॉलम्स, पार्टिकल साइज एनालाइजर, एक्सआरडी/ एक्सआरएफ, थर्मल एनालाइजर, आईसीपीएटॉमिक एबसॉर्प्सन स्पेक्ट्रोमीटर्स, यूवी स्पेक्ट्रोमीटर्स, पेट्रोलॉजिकल माइक्रोस्कोप्स इत्यादि उपलब्ध हैं।
 
समग्र संरक्षा मानकों में सुधार लाने एवं कर्मचारियों के मध्य संरक्षा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष सभी प्रचालित यूनिटों की वार्षिक संरक्षा लेखा परीक्षा की जाती है।बाह्य विशेषज्ञों से सुगठित लेखा परीक्षा समिति, सभी यूनिटों के संरक्षा प्रधान तथा कारपोरेट संरक्षा के प्रधान विभिन्न वर्गों जैसे संरक्षा, हाउसकीपिंग, पर्यावरण एवं ऊर्जा आदि में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक की शील्ड के लिए सिफारिश करते हैं
 
 इंडियन रेअर अर्थ्स अनुसंधान केन्द्र (आईआरईआरसी)
श्री सी.आर.साहु, प्रधान (कॉरपोरेट अनुसंधान एवं संरक्षा)
 
 
अंतिम नवीनीकृत 18/10/2017